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बागेश्वर धाम सरकार की सनातन एकता पदयात्रा फरीदाबाद से शुरू — जानिए उद्देश्य, मार्ग और भक्तों की भ

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने ‘सनातन एकता पदयात्रा’ की घोषणा की है। यह यात्रा 7 नवंबर से 16 नवंबर 2025 तक चलेगी और हरियाणा के फरीदाबाद से शुरू होकर कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों से गुजरेगी।

इस यात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। फरीदाबाद में यात्रा के स्वागत की तैयारियाँ जोरों पर हैं और शहर को भगवा झंडों और फूलों से सजाया जा रहा है।


यात्रा का उद्देश्य: एक धर्म, एक भावना, एक भारत


सनातन एकता पदयात्रा’ का मकसद समाज में एकता, प्रेम और धर्म के प्रति जागरूकता फैलाना है।

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने एक प्रवचन में कहा —

“सनातन धर्म भारत की आत्मा है। यह सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। आज समय है कि हम सब मिलकर अपनी संस्कृति, अपने संस्कारों और अपनी परंपराओं को एकजुट करें।”

इस यात्रा के माध्यम से बाबा लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि धर्म विभाजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का कार्य करता है।


पदयात्रा का मार्ग

यह यात्रा फरीदाबाद से प्रारंभ होकर निम्नलिखित प्रमुख स्थानों से गुजरेगी:

  1. फरीदाबाद
  2. बल्लभगढ़
  3. पलवल
  4. मथुरा
  5. वृंदावन
  6. गाजियाबाद
  7. दिल्ली (अंतिम पड़ाव)

हर पड़ाव पर भव्य भक्ति कार्यक्रम, प्रवचन, कथा व सांस्कृतिक आयोजन होंगे। लाखों भक्तों के शामिल होने की संभावना है।


भक्तों में उल्लास और आस्था


फरीदाबाद में बागेश्वर धाम सरकार के स्वागत की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।

लोगों का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति का उत्सव है।

एक स्थानीय भक्त ने कहा —

“हम बाबा की हर यात्रा में शामिल होते हैं। उनकी वाणी से आत्मा को शांति और शक्ति दोनों मिलती है। सनातन एकता पदयात्रा समाज को जोड़ने का काम करेगी।”


सोशल मीडिया पर चर्चा


#SanatanEktaPadyatra, #BageshwarDham, और #DhirendraShastri जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (Twitter) पर यात्रा से जुड़े वीडियो और फोटो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

लाखों लोग ऑनलाइन बाबा बागेश्वर धाम के प्रवचनों को सुनने और यात्रा के लाइव अपडेट देखने के लिए उत्साहित हैं।


धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व


धर्माचार्य इस यात्रा को भारत की सनातन परंपरा को सशक्त करने वाला कदम मान रहे हैं। यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। जहाँ एक ओर यह युवाओं में धर्म के प्रति जागरूकता फैलाएगी, वहीं दूसरी ओर यह समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देगी।


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


Q1: सनातन एकता पदयात्रा कब और कहाँ से शुरू हो रही है?

 A: यात्रा 7 नवंबर 2025 से हरियाणा के फरीदाबाद से शुरू होगी और 16 नवंबर 2025 तक चलेगी।

Q2: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

 A: समाज में सनातन धर्म की एकता, प्रेम और जागरूकता को बढ़ाना तथा लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ना।

Q3: यात्रा में कौन-कौन से प्रमुख शहर शामिल हैं?

 A: फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल, मथुरा, वृंदावन, गाजियाबाद और दिल्ली।

Q4: क्या आम भक्त इसमें शामिल हो सकते हैं?

 A: हाँ, यह पदयात्रा सभी भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए खुली है।

Q5: यात्रा से जुड़े अपडेट कहाँ मिलेंगे?

 A: बागेश्वर धाम सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और VBE Entertainment News पर।